दुनिया को अफगान महिलाओं के क्रूर दमन के लिए Taliban को मान्यता देने से इनकार कर देनी चाहिए: जावेद अख्तर
Taliban द्वारा महिलाओं के साथ बदसुलूकी और क्रूरता की तस्वीरें भी सामने आई है। हाल ही में तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में सरकार की घोषणा की। 33 सदस्यीय कैबिनेट में एक भी महिला न होने को लेकर अफ़ग़ानिस्तान में महिलाएं अपने अधिकारों के लिए चिंतित हैं और जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। तालिबान द्वारा इन महिलाओं के साथ बदसुलूकी और क्रूरता की तस्वीरें भी सामने आई है। इसी बात को लेकर मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने सभी लोकतांत्रिक देशों से अपील की है कि वो तालिबान की आलोचना करें, उसे मान्यता न दें।
जावेद अख्तर ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में लिखा कि अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हमें न्याय, मानवता जैसे शब्दों को भूल जाना चाहिए।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘हर सभ्य व्यक्ति, हर लोकतांत्रिक सरकार, दुनिया के हर सभ्य समाज को अफगान महिलाओं के क्रूर दमन के लिए तालिबान को मान्यता देने से इनकार कर देनी चाहिए और उसकी आलोचना करनी चाहिए या फिर न्याय, मानवता और विवेक जैसे शब्दों को भूल जाना चाहिए।’
Every decent person ,every democratic government every civilised society in the world should refuse to recognise and condemn Talibans for their ruthless repression of Afgan women or let’s forget the words like justice , humanity and conscience.
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) September 10, 2021
जावेद अख्तर ने एक ट्वीट किया जिसमें वो लिखते हैं, ‘तालिबान के प्रवक्ता ने दुनिया को बताया है कि महिलाएं मंत्री बनने के लिए नहीं बल्कि घर पर रहने और बच्चा पैदा करने के लिए होती हैं। लेकिन दुनिया के तथाकथित सभ्य और लोकतांत्रिक देश तालिबान से हाथ मिलाने को तैयार हैं। कितनी शर्म की बात है।’
तालिबान ने महिलाओं को कैबिनेट में जगह न देने को लेकर एक बयान दिया है जिसकी आलोचना हो रही है। तालिबान के प्रवक्ता सैयद जकीरुल्लाह हाशमी ने कहा है कि एक महिला मंत्री नहीं बन सकती। मंत्री बनने का भार वो नहीं उठा सकतीं हैं। उन्हें कैबिनेट में होना जरूरी नहीं है। उन्हें बच्चे पैदा करना चाहिए।
