संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar: स्पीड ब्रेकर बन रहे है परेशानी का सबब, पर कोई चेतावनी बोर्ड नही

मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद लापरवाह लोक निर्माण विभाग प्रदेश के मुखिया के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा है। मार्गों पर बने कमरतोड़ स्पीड ब्रेकर आयेदिन अनेक दुर्घटनाओं का कारण तो बनते ही हैं। साथ ही साथ गर्भवती महिलाओं व बीमार मरीजों के लिये भी अजाब बन कर रह गए हैं।

जिले के अन्य मार्गों सहित मोरना-भोपा मार्ग तथा आस -पास के मार्गों पर बने स्पीड ब्रेकर्स ग्रामीणों की बार बार शिकायत के बावजूद राहगीरों के लिये मुसीबत बने हुवे हैं। सड़क हादसों को रोकने के लिये लोकनिर्माण विभाग द्वारा मुख्य म चौराहों,स्कूल कॉलिज के मुख्य द्वार के सामने,घनी आबादी, तीव्र मोड़ आदि स्थानों पर वाहनों की रफ्तार को धीमा करने के लिये स्पीड ब्रेकर्स बनाये गए हैं।

किन्तु तकनीकी खामियों व लापरवाही के कारण यही ब्रेकर्स हादसों की वजह बन गए हैं तथा राहगीरों के लिये मुसीबत बने हुवे हैं। मोरना भोपा मार्ग पर गाँव यूसुफपुर चौराहे पर बने स्पीड ब्रेकर्स वाहनों की रफ्तार तो धीमी कर देते हैं किन्तु ऊंचाई अधिक होने के कारण वाहन में यात्रा कर रहे मुसाफिर अपनी सीटों से अचानक उछल जाते हैं।

दो पहिया वाहनों पर बैठी महिलाओं को भी शारीरिक कष्ट सहना पड़ता है।इसके अलावा प्रसव पीड़िता तथा मरीजों को ब्रेकर्स के कारण तेज झटका लगता है जिससे वह बिलबिला उठते हैं। मरीजों की निकलने वाली आह व कराहट तीमारदारों के लिये भी कष्टदाई है। वहीं क्षेत्र के ही भोकरहेड़ी में स्थित इन्टर कॉलिज के सामने बने डबल ब्रेकर्स तो लोक निर्माण विभाग की तकनीकी खामियों व कार्य के प्रति उनकी मानसिकता को उजागर कर करती है।

भोकरहेड़ी इन्टरकॉलिज के सामने बने ब्रेकर्स से बचने प्रयास में वाहन चालक अक्सर नियंत्रण खो देते हैं। जिस कारण अक्सर बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। इसके अलावा मोरना जानसठ मार्ग पर बेहड़ा सादात तथा तालडा गाँव व गंग नहर पटरी पर निरगाजनी पनचक्की के पास बने ब्रेकर्स भी यात्रियों के लिये मुसीबत के समान ही हैं।

क्यों ब्रेकर्स बढाते हैं मुश्किल-मार्गो पर बने ब्रेकर्स भले सड़क हादसों को रोकने के लिये उपयुक्त हों किन्तु मार्किंग न होने के कारण सबसे बड़ी दिक्कत है। ब्रेकर्स के पहले सड़क पर सांकेतिक सफेद पट्टी नही बनाई गई है और न ही मार्ग किनारे बोर्ड लागकर रफ्तार धीमी करने को दर्शाया गया है। सड़क पर सांकेतिक पट्टी न होने के कारण उस स्थान से अनजान वाहन चालक रफ्तार धीमी नही कर पाते तथा तेज रफ्तार से वाहन के ब्रेकर से टकराने के कारण यात्रियों को भी तेज झटका लगता है तथा वाहनों का मेंटिनेंस भी बढ़ता है।

कहां गए सड़क किनारे लगे बोर्ड-लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का अफसाना यहीं समाप्त नही होता है। पूर्व में मार्गो के किनारे लगे चेतावनी बोर्ड आज नदारद हैं। मुजफ्फरनगर से प्राचीन तीर्थ नगरी शुकतीर्थ मार्ग जिसपर से प्रतिदिन दूर दराज से आने वाले श्रद्धालु भी गुजरते हैं पर कोई चेतावनी बोर्ड आज नही है।

दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र,तीव्र मोड़,स्पीड ब्रेकर्स,तंग पुलिया, वन्य जीवों के लिये सुरक्षित क्षेत्र,स्कूल कॉलिज आदि को दर्शाने को लेकर लगने वाले बोर्ड नदारद हैं।यही हाल मोरना जानसठ मार्ग,मोरना बसेड़ा मार्ग ,भोकरहेड़ी लक्सर मार्ग तथा दो राज्यों को सुगमता से जोड़ने वाले गंग नहर पटरी मार्ग का है।

भोपा थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज रॉय ने बताया कि थाना क्षेत्र में बने कमर तोड़ स्पीड ब्रेकर्स के सम्बंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया हुआ है तथा गंग नहर पटरी पर नंगला बुजुर्ग-रुड़कली चौराहे पर वाहन की रफ्तार धीमी करने के लिये सांकेतिक पट्टी व बोर्ड तथा मानक अनुरूप ब्रेकर लगाने लिये सूचना दी हुई है। लोक निर्माण विभाग को इस ओर शीघ्र ध्यान देना चाहिए।वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फोन कॉल को रिसीव नहीं कर सके।

 

Dr. S.K. Agarwal

डॉ. एस.के. अग्रवाल न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर हैं। वह मीडिया योजना, समाचार प्रचार और समन्वय सहित समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें मीडिया, पत्रकारिता और इवेंट-मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लगभग 3.5 दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, चैनलों और पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं। संपर्क ई.मेल- drsanjaykagarwal@gmail.com

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