कब तलक अफसोस करे कि वो हासिल ना हुआ
गम जमाने भर का मैंने, अब उठाना छोड़ दिया, अंधेरे रास्तों पर भी, चिराग जलाना छोड़ दिया। तन्हाई से
Read more...गम जमाने भर का मैंने, अब उठाना छोड़ दिया, अंधेरे रास्तों पर भी, चिराग जलाना छोड़ दिया। तन्हाई से
Read more...आज फिर दुश्मन ने हम पर, पीठ पीछे से वार किया, चंद कुत्तो ने मिलकर फिरसे, शेरो का संहार
Read more...( लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद हुए सब वीरो की बहादुरी को नमन करता हूं, उनके इस अतुलनीय
Read more...…
इस जन्म उनसे,मोहब्बत मुकम्मल ना होगी “दीप”
अगले जन्म उनको नसीबो में,लिखवाकर आएंगे …
जानवरो के प्रति हिंसा की आज एक घिनोनी घटना सामने आई है…जो केरल में उस मादा हाथी के साथ
Read more...वो वहम आे गुमान में है, जो खुद को ईमानदार समझते है… वो नासमझ है जो खुद को… समझदार
Read more...क्यों? आज मैं इतना परेशान हूं, देखकर दुर्दशा अपने देश की, हो रहा क्यों मैं इतना हैरान हूं? क्यों
Read more...वो लोगों की बस बात लिखते है, मैं लोगों के जज्बात लिखता हूँ। वो लिखते है सारे खुशियो के
Read more...केवल सामान या वस्तुएं ही स्वदेशी नहीं ! देश की शिक्षा व्यवस्था स्वदेशी , कानून व्यवस्था स्वदेशी , देश
Read more...“जी चाहता है” आज कहीं खो जाने को “जी चाहता है|” किसी पेड़ की छांव तले सो जाने को
Read more...दर्द क्या होता है , तुम्हे बताएंगे किसी रोज, दर्द भरी एक ग़ज़ल, तुमको सुनाएंगे किसी रोज, .. थी
Read more...