उत्तर प्रदेश

किसान यूनियन में दो फाड़/बगावत: कोई भी बना सकता है किसान संगठन, असली भाकियू के नेता हम ही हैं: Rakesh Tikait

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत  (Rakesh Tikait) ने  देर शाम अपने मुजफ्फरनगर आवास पर प्रेसवार्ता कर लखनऊ में एक और किसान यूनियन के गठन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।राकेश टिकैत ने कहा हमारे संगठन का नाम भारतीय किसान यूनियन है और हमारे बायलॉज कानून में अराजनैतिक लिखा है।

राकेश टिकैत  (Rakesh Tikait) ने कहा कि कोई भी संगठन बना सकता है, लेकिन भारतीय किसान यूनियन नहीं लिख सकता, उसके सामने कुछ ना कुछ लिखना पड़ेगा।दूसरे संगठन ने भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक लिखा है, जो गलत है। असली भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी हम ही है। राकेश टिकैत ने कहा कि आज जो लोग संगठन छोडकर गए हैं, उन्हें छोटे-छोटे गांवों से निकालकर भाकियू में 30 साल तक बड़े-बड़े पदों पर बैठाया है।

संयुक्त मोर्चा में भी 550 किसान संगठन हैं, करनाल में भाकियू की आगामी 18 मई को कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है। कार्यकारिणी की बैठक में अहम फैसले लिए जाएंगे, उन लोगों ने सरकार के दबाव में दूसरा अपना संगठन बनाया है।

राकेश टिकैत  (Rakesh Tikait) ने कहा कि हमारे ऊपर किसी भी पार्टी का कोई दबाव नहीं है। राकेश टिकैत ने कहा कि हमने उन लोगों को आज सुबह भी मनाने की कोशिश की, मगर वो लोग नहीं माने। राकेश टिकैत  (Rakesh Tikait) ने कहा कि हमें दुख है कि कुछ लोग आज भाकियू छोड़कर गए हैं, जो 30 साल तक संगठन में रहे, वे लोग याद आएंगे।

राकेश टिकैत  (Rakesh Tikait) ने कहा कि हमारी उन लोगो को नए संगठन पर  शुभकामनाएं हैं।राकेश टिकैत ने कहा कि उन पर राजनैतिक दबाव है, तभी उन लोगों ने अलग संगठन बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक़ पार्टी के दबाव में अराजनैतिक संगठन बनाया गया है। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर भारतीय किसान यूनियन छोड़कर जाने वाले दोबारा संगठन में आएंगे, तो उनका स्वागत है।

इस मौके पर भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन को छोडऩे वाले सभी पदाधिकारी निष्कासित कर दिए गए हैं, जिसमें धर्मेंद्र मलिक भी शामिल है। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने भी नीटू दुल्हैरा समेत आधा दर्जन पदाधिकारी जिला कार्यकारिणी से निष्कासित कर दिए हैं।

भाकियू ने जिन नेताओं को संगठन से बर्खास्त किया है उनमे राजेश सिंह चौहान, अनिल तालान,हरिनाम वर्मा,मांगेराम त्यागी,दिगंबर सिंह,धर्मेंद्र  मलिक और राजवीर सिंह गाज़ियाबाद शामिल है। 

भारतीय किसान यूनियन में बगावत

मुजफ्फरनगर। किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर आज उनके द्वारा बनाई गई भारतीय किसान यूनियन में बगावत हुई। यूनियन के एक धड़े ने संगठन के विभाजन का दावा करते हुए कहा कि राकेश टिकैत और नरेश टिकैत को हटाते हुए बीकेयू का नया प्रमुख राजेश चौहान को बनाया गया है. नरेश टिकैत को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत को भी। देर शाम राकेश टिकैत ने इसका करारा जवाब दिया। उन्होने अपने आवास पर हुई प्रेसवार्ता में हर सवाल का जवाब दिया।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि संगठन के कुछ लोग उनसे अलग है यह सच है। विचारधाराओं में अंतर के चलते उन्होने अपना संगठन बनाया है। अब भाकियू से उनका कोई मतलब नहीं है। उन्होने कहा कि भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत एवं उन्हें निष्कासित करने संबंधी दावे पूरी तरह गलत है।

साथियों को मनाने का प्रयास

पुराने साथियों के साथ छोडने पर राकेश टिकैत ने अफसोस जाहिर किया। उन्होने कहा कि उन्होने इन साथियों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसी दबाव के चलते उन्होने संगठन छोडने का फैसला किया। उन्होने चुनाव में किसी राजनीतिक दल के समर्थन संबंधी आरोप को भी निराधार बताया।

देश के जाने-माने किसानों के इस संघ में फूट पड़ने की खबर लखनऊ में बीकेयू के संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर सामने आई है. राजेश चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि टिकैत बंधु संगठन का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसान कभी स्वीकार नहीं करेंगे. चौहान ने कहा, ’हम एक गैर राजनीतिक संगठन हैं और रहेंगे.

बीकेयू से निकाले जाने के सवाल पर बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और राकेश टिकैत के भाई ने कहा कि किसी को भी हटाने की ताकत सिर्फ जनता के पास है. लखनऊ में हुई बैठक के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी खुद को प्रधानमंत्री घोषित कर सकता है.

फैसला राष्ट्रीय निकाय की बैठक में ही लिया जा सकता है

उधर, बीकेयू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि कोई भी फैसला राष्ट्रीय निकाय की बैठक में ही लिया जा सकता है. राष्ट्रीय निकाय के सदस्य टिकैत के पैतृक गांव मुजफ्फरनगर के सिसोली गांव में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे. यहां भी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

हालांकि युद्धवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ में बैठक करने वाले राजेश चौहान भी उनके संगठन के सदस्य हैं. लेकिन चौहान संगठन में राष्ट्रीय स्तर के पदों के बारे में फैसला नहीं कर सकते. इसके लिए एक प्रक्रिया बनी हुई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संगठन और उसके लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है.

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