स्वास्थ्य

Winter Tealth Care Tips: सर्दियों में स्वस्थ रहने के उपाय- जरूर खाएं ये चीजें, मिलती है शरीर को Power और गर्मी

सर्दी के मौसम में सर्दी के असर से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं , लेकिन शरीर को चाहे कितने ही गर्म कपड़ों से ढक लिया जाए ठंड से लड़ने के लिए बॉडी में अंदरूनी गर्मी होनी चाहिए । शरीर में यदि अंदर से खुद को मौसम के हिसाब से ढालने की क्षमता हो तो ठंड कम लगेगी और कई बिमारियां भी नहीं होंगी । यही कारण है कि ठंड में खान पान पर विशेष रूप से ध्यान देने को आयुर्वेद में बहुत महत्त्व (Winter health care tips)दिया गया है।

सर्दियों में यदि खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए तो शरीर संतुलित रहता है और सर्दी कम लगती है । आज हम आपको कुछ ऐसी ही आहारों के बारे में बाताने जा रहे हैं जिनका उपयोग सर्दी से आपको राहत जरूर देगा ।

सर्दीयों (Winter) में जरूर खाएं ये चीजें, इनसे मिलती है शरीर को शक्ति और गर्मी

1 – हल्दी : हल्दी के गुणों के बारे में कौन नहीं जानता है । इसमें ऐसे गुण हैं जो छोटे – छोटे से लेकर बड़ी बिमारियों को भी ठीक कर सकता है । अगर आप भी सर्दियों से बचना चाहते है तो एक गिलास गर्म दूध में थोड़ी हल्दी डालकर रोज पीएं । इससे आपको अपनी ठंड भगाने और इससे आराम भी मिलेगा ।

2 – प्याज : प्याज के औषधि गुण के बारे में कौन नहीं जानता है । इसमें तो औषधि गुणों की भरमार है । इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो आपको कई स्वास्थ संबंधी परेशानियों से बचाते हैं । इतना ही नहीं अगर आप इसे सर्दियों में रोज अपनी डाइट में शामिल करें तो यह आपको ठंड से भी बचाता है । इसे खाने से भी आपके शरीर का ताप बढ़ेगा । जिससे आपका शरीर गर्म रहेगा ।

3 – शकरकंदी : यह एक तरह का फल है जिसमें विटामिन – ए , विटामिन बी , आयरन और कैल्शियम पाया जाता है । सर्दी के मौसम में शकरकंदी खाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा ।

4 – आंवला : सर्दी के मौसम में अपने खाने में आंवले को शामिल करें । सीधे नहीं खा सकते हैं तो या तो । मुरब्बे के तौर पर या फिर किसी और तरह से हर दिन के खान – पान में इसे इस्तेमाल करें । यदि आप डाइट चार्ट का पालन कर रहे हैं तो फिर आंवला मुरब्बा लेने की बजाय किसी और रूप में लें ।

5 – हरी मिर्च : कड़कड़ाती ठंड से छुटकारना पाना है तो मिर्ची असरकारक साबित हो सकती हैं , मिर्ची खाने से शरीर का तापमान बढ़ता है । विटामिन सी , ई और फाइबर होने के साथसाथ इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है । इसे खाने से कैंसर जैसे रोगों से बचाव होता है इसे खाने से हमारे शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है । इसका तीखापन हमारे शरीर का तापमान बढ़ाने का काम करता है । जिससे हमारा शरीर अंदर से गर्म रहता है । इसी कारण सर्दियों में यह ठंड से बचाती है । इसलिए मिर्च का सेवन जरूर करें

6 – अदरक : क्या आप जानते हैं कि रोजाना के खाने में अदरक शामिल कर बहुत सी छोटी – बड़ी बिमारियों से बचा जा सकता है । सर्दियों में इसका किसी भी तरह से सेवन करने पर बहुत लाभ मिलता है । इससे शरीर को गर्मी मिलती है और डाइजेशन भी सही रहता है

7 – देसी घी :सर्दियों में देशी घी का उपयोग किया जाना चाहिए । यदि आप किसी डाइट चार्ट को फालो नहीं कर रहे हैं तो घी इस मौसम में अच्छा रोग प्रतिरोधक माना जाता है । यदि आप शक्कर और घी से परहेज करते हैं तो मौसमी फलों का सेवन करें ।

8 – मेवे का सेवन : तिल्ल और गुड़ के लड्डू सर्दी से बचाव के लिए बेहतरीन उपाय माना जाता है । ठण्ड के मौसम में सूखे मेवे , बादाम आदि का सेवन भी लाभदायक होता है । या तो इन्हें भिगोकर खाएं या दूध में मिलाकर या फिर सूखे मेवों का दरदरा पॉउडर – सा बना लें और इसे दूध में मिलाकर प्रोटीन शेक सा बना लें ।

9 – बाजरा : कुछ अनाज शरीर को सबसे ज्यादा गर्मी देते हैं बाजरा एक ऐसा ही अनाज है । सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी बनाकर खाएं । छोटे बच्चों को । बाजरा की रोटी जरूर खानी चाहिए । इसमें कई स्वास्थ्यवर्धक गुण भी होते हैं । दूसरे अनाजों की अपेक्षा बाजरा में सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होती है । इसमें वह सभी गुण होते हैं , जिससे स्वास्थ्य ठीक रहता है । ग्रामीण इलाकों में बाजरा से बनी रोटी व टिक्की को सबसे ज्यादा सर्दी में पसंद किया जाता है । बाजरा में शरीर के लिए आवश्यक तत्त्व जैसे मैग्नीशियम , कैल्शियम , मैग्नीज , ट्रिप्टोफेन , फाइबर , विटामिन – बी , एंटीऑक्सीडेंट आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं

10 – सब्जियां : अपनी खुराक में हरी सब्जियों का सेवन करें । सब्जियां , शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और गर्मी प्रदान करती है । सर्दियों के दिनों में मेथी , गाजर , चुकंदर , पालक , लहसुन , बथुआआदि का सेवन करें । इनसे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है । 11 – सूप का सेवन : सर्दी के मौसम में सूप का सेवन करना बहुत फायदेमंद रहता है , इसका सेवन करने से शरीर को गर्माहट मिलती है । टमाटर का सूप पीना फायदेमंद रहता है

12 – शहद : शरीर को स्वस्थ , निरोग और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए शहद को आयुर्वेद में अमृत भी कहा गया है । यूं तो सभी मौसमों में शहद का सेवन लाभकारी है , लेकिन सर्दियों में तो शहद का उपयोग विशेष लाभकारी होता है । इन दिनों में अपने भोजन में शहद को जरूर शामिल करें । इससे पाचन क्रिया में सुधार होगा और इम्यून सिस्टम पर भी असर पड़ेगा ।

13 – आयुर्वेदिक चाय : सर्दियों में अपनी ठंड को भगाने के लिए इससे अच्छा और सस्ता और कोई उपाय हो ही नहीं सकता है । इसे पीने से शरीर में तापमान बढ़ता है । जिससे आपका शरीर गर्म रहेगा । और आप ठंड से बच जाएंगे

14 – मूंगफली : इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट , विटामिन , मिनिरल्स आदि तत्त्व इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं । यकीनन इसके गुणों को जानने के बाद आप इस सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे जरुर लेंगे

15 – तिल : सर्दियों के मौसम में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है । तिल के तेल की मालिश करने से ठंड से बचाव होता है । तिल और मिश्री का काढ़ा बनाकर खांसी में पीने से जमा हुआ कफ निकल जाता है । तिल में कई तरह के पोषक तत्त्व पाए जाते हैं जैसे , प्रोटीन , कैल्शियम , बी कॉम्प्लेक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि

Our Experience With Fever: Viral Symptomsसर्दियों (Winter) के मौसम में सेहत के टिप्स : निरोग रहने के लिए आहार के साथ ही विहार पर भी ध्यान देना जरूरी है

1 – शीत ऋतु में रोजाना नियमपूर्वक व्यायाम करना , तेल मालिश करना और उबटन लगाना लाभकारी है । यदि रोजाना तेल मालिश या उबटन करना संभव न हो तो सप्ताह में एक – दो बार करने का नियम जरूर बना लें शीत ऋतु में रातें बड़ी होती हैं । इसलिए सुबह ब्रह्ममहर्त में जग जाना चाहिए तथा शौचादि नित्य क्रिया से निवृत होकर तेल से मर्दन ( मालिश ) करना चाहिए और थोड़ी देर धूप में बैठना चाहिए

2 – शीतऋतु में उबटन करना शरीर के लिए अत्यधिक फायदेमंद है । इससे त्वचा तथा चेहरे पर कांति आती है । बेसन में तेल या दही की मलाई मिलाकर उबटन बनाया जा सकता है

3 – सर्दियों में धुप सेवन के लाभ – शीत ऋतु में धूप सेवन रुचिकर लगता है इसलिए कम से कम कपड़े पहनकर तथा एकांत में बैठकर सूरज की रश्मियों का सेवन करना चाहिए । धूप स्नान से शरीर में जीवन शक्ति की बढ़ोतरी होती है । धूप सेवन के तमाम फायदे हैं । इसलिए गठिया , स्नायु रोग , पक्षाघात आदि बिमारियों की आशंका नहीं रहती है

4 – सर्दियों में योग – शीत ऋतु व्यायाम करने के लिए सर्वोत्तम ऋतु है । हालांकि व्यायाम प्रत्येक ऋतु में प्रतिदिन हितकर है , किंतु शीत ऋतु में अपेक्षाकृत अधिक व्यायाम किया जा सकता है । ठंड की वजह से इस ऋतु में शरीर का रक्त कुछ गाढ़ा – सा एवं अपनी स्वाभाविक चाल से धीमा रहता है । व्यायाम से ही रक्त की रफ्तार को दुरुस्त किया जा सकता है । इस ऋतु में शरीर के बल के मुताबिक व्यायाम करना चाहिए । व्यायाम से इस ऋतु में लिए गए स्निग्ध तथा मधुर पदार्थ सरलता से पच जाते हैं , मोटापेका नाश होता है और शरीर सुडौल होता है । इसलिए सुबह जल्दी जगकर अपनी रुचि के मुताबिक दौड़ लगाना , टहलना आदि हितकर है

5 – सर्दियों के कपड़े – शीत ऋतु में ठंडी हवा से बचाव भी आवश्यक है । ऊनी वस्त्र , स्वेटर , शॉल आदि धारण करना चाहिए इस ऋतु में वस्त्रों के चुनाव में सावधानी बरतना जरूरी है । शीत लहर से बचाव आवश्यक है । इसलिए इस तरफ यथोचित ध्यान दें

6 – दिन में सोना और रात में देर तक जागना शीतऋतु में वर्जित है । रात में देर तक जागने से शरीर में रुक्षता की बढ़ोत्तरी होती है । नियमानुसार निद्रा लेने धातु की समता , तंद्रा का शमन , पुष्टि तथा अग्निदीपन का लाभ प्राप्त होता है

7 – शय्या पर कंबल , रेशमी वस्त्र , सन का कपड़ा , कपास से निर्मित वस्त्रादि या चित्रित कंबल बिछा होना चाहिए । भारी और गरम कपड़े , रजाई आदि का प्रयोग करने से शरीर ठंड से सुरक्षित रहता है

8 – रात में सोते वक्त कमरे को पूरी तरह बंद करके सोना उचित नहीं है । इससे शुद्ध वायु नहीं मिल पाती और शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है

निरोगी रहने हेतु महामन्त्र

मन्त्र 1 :-

• भोजन व पानी के सेवन प्राकृतिक नियमानुसार करें

• ‎रिफाइन्ड नमक,रिफाइन्ड तेल,रिफाइन्ड शक्कर (चीनी) व रिफाइन्ड आटा ( मैदा ) का सेवन न करें

• ‎विकारों को पनपने न दें (काम,क्रोध, लोभ,मोह,इर्ष्या,)

• ‎वेगो को न रोकें ( मल,मुत्र,प्यास,जंभाई, हंसी,अश्रु,वीर्य,अपानवायु, भूख,छींक,डकार,वमन,नींद,)

• ‎एल्मुनियम बर्तन का उपयोग न करें ( मिट्टी के सर्वोत्तम)

• ‎मोटे अनाज व छिलके वाली दालों का अत्यद्धिक सेवन करें

• ‎भगवान में श्रद्धा व विश्वास रखें

मन्त्र 2 :-

• पथ्य भोजन ही करें ( जंक फूड न खाएं)

• ‎भोजन को पचने दें ( भोजन करते समय पानी न पीयें एक या दो घुट भोजन के बाद जरूर पिये व डेढ़ घण्टे बाद पानी जरूर पिये)

• ‎सुबह उठेते ही 2 से 3 गिलास गुनगुने पानी का सेवन कर शौच क्रिया को जाये

• ‎ठंडा पानी बर्फ के पानी का सेवन न करें

• ‎पानी हमेशा बैठ कर घुट घुट कर पिये

• ‎बार बार भोजन न करें आर्थत एक भोजन पूणतः पचने के बाद ही दूसरा भोजन करें

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Dr. Jyoti Gupta

डॉ ज्योति ओम प्रकाश गुप्ता प्रसिद्ध चिकित्सक एवं Health सेक्शन की वरिष्ठ संपादक है जो श्री राजीव दीक्षित जी से प्रेरित होकर प्राकृतिक घरेलू एवं होम्योपैथिक चिकित्सा को जन जन तक सहज सरल एवं सुलभ बनाने के लिए प्रयासरत है, आप चिकित्सा संबंधित किसी भी समस्या के नि:शुल्क परामर्श के लिए 9399341299, [email protected] पर संपर्क कर सकते है।

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